रूस यूक्रेन युद्ध: पूरी तरह से भूल गए 5 लाख से अधिक लोग, इन सभी को याद करते हुए

रूस के ताबड़तोड़ हमले के कारण यूक्रेन के अब तक 5 लाख से ज्यादा लोग देश छोड़कर जा चुके हैं. रूस के आक्रमण के कारण यूक्रेन की ये जनता पड़ोसी देशों में शरण ले रही है

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग छठे दिन में प्रवेश कर चुकी है. दोनों देशों के बीच युद्ध 24 फरवरी को शुरू हुआ था. रूस के ताबड़तोड़ हमले के कारण यूक्रेन के अब तक 5 लाख से ज्यादा लोग देश छोड़कर जा चुके हैं. रूस के आक्रमण के कारण यूक्रेन की ये जनता पड़ोसी देशों में शरण ले रही है. अब तक 5 लाख 20 हजार लोग पोलैंड और अन्य पड़ोसी देशों का रुख कर चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के हवाले से ये जानकारी सामने आई है.

UNHCR के प्रवक्ता शब्बीर मंटु के मुताबिक, 2 लाख 81 हजार लोग पोलैंड, 84 हजार 500 से ज्यादा लोग हंगरी, करीब 36 हजार 400 लोग मोलदोवा, 32 हजार 500 से ज्यादा लोग रोमानिया और करीब 30 हजार लोग स्लोवाकिया में शरण ले चुके हैं. बाकी अन्य देशों का रुख किए हैं.

इसके अलावा लोग पोलैंड में दाखिल होने के लिए 40 घंटे से बॉर्डर क्रॉस करने का इंतजार कर रहे हैं. यही नहीं कारों की 14 किमी की लंबी कतार भी लगी है. पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया और मोलदोवा के अधिकारी यूक्रेन के लोगों को रिसीव करने और उन्हें आश्रय, भोजन और कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए बॉर्डर पर इंतजार कर रहे हैं.

यूक्रेन छोड़कर जाने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. 18 से 60 वर्ष की आयु के सभी पुरुषों को रहने और लड़ने के लिए यूक्रेन छोड़ने से रोक दिया गया है.

यूक्रेन में अब तक कितने लोगों की हुई मौत

यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि रूस के हमले के बाद से 352 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 14 बच्चे हैं. इसके अलावा 1684 लोग घायल हुए हैं, जिसमें 116 बच्चे हैं. सोमवार को यूएन ने कहा था कि यूक्रेन में कम से कम 102 नागरिकों की मौत हुई है, जिसमें 7 बच्चे शामिल हैं. हालांकि यूएन ने ये भी बताया कि ये आंकड़े ज्यादा भी हो सकते हैं. अब तक ये साफ नहीं हुआ कि जंग में रूस और यूक्रेन के कितने सैनिकों की मौत हुई है.

कौन से देश यूक्रेन को सैन्य मदद पहुंचा रहे

रूस जैसी महाशक्ति का यूक्रेन डटकर सामना कर रहा है. रूस को टक्कर देने में यूक्रेन को कई देशों का साथ मिल रहा है. कम से कम 13 देशों ने अपनी सेनाओं को यूक्रेन में भेजना शुरू कर दिया है. इनमें से ज्यादातर नाटो के सदस्य देश हैं. नाटो महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने सोमवार को कहा कि गठबंधन यूक्रेन को “मानवीय और वित्तीय सहायता” भी प्रदान कर रहा है.

Leave a Reply